Hamara maqsad aapko aisi slamic maloomat dena hai jinke zariye aap zyada se zyada apne ander tabdili la kar apni aur saari ummate muslima ki islah kar saken.
Wednesday, 12 April 2023
शहर ए तैयबा का वो बाज़ार बड़ा प्यारा हैं ! Shar e taiba ka wo bazar bada payara gai. شہر طیبہ کا وہ بازار بڑا پیارا ہے
Marhaba salle ala - salle ala - salle ala .मरहबा सल्ले अला सल्ले अला सल्ले अला !
Tuesday, 11 April 2023
sabse Ala wa awla Hamara Nabi ﷺ
Wednesday, 5 April 2023
उन की महक ने दिल के ग़ुंचे खिला दिये हैं
Monday, 3 April 2023
नाम मैंने जब मोहम्मद मुस्तफा का ले लिया
नातें सरकार की पढ़ता हूं मैं। Naate Sarkar ki padhta hoon Main نعت سرکار کی پڑھتا ہوں میں
विडियो क्लिप
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नातें सरकार की पढ़ता हूं मैं
बस इसी बात से घर में मेरे रहमत होगी
एक तेरा नाम वसीला है मेरा
रंज ओ ग़म में भी इसी नाम से रहमत होगी
यह सुना है कि बहुत गोर अंधेरी होगी
क़ब्र का खौफ ना रखना ए दिल
वहां सरकार के चेहरे की ज़ियारत होगी
नात सरकार की पढ़ता हूं मैं
बस इसी बात से घर में मेरे रहमत होगी !
कहीं यासीं कहीं ताहा कहीं वश्शमस-आया
जिसकी क़समे मेरा रब खाता है
कितनी दिलकश मेरे महबूब की सूरत होगी।
नात सरकार की पढ़ता हूं मैं
बस इसी बात से घर में मेरे रहमत होगी !
हश्र का दिन भी अजब देखने वाला होगा
ज़ुल्फ लहरा के वो जब आएंगे
फिर क़यामत पे भी खुद एक क़यामत होगी
नात सरकार की पढ़ता हूं मैं
बस इसी बात से घर में मेरे रहमत होगी !
उनको मुख्तार बनाया है मेरे मौला ने
ख़ुल्द में बस वोही जा सकता है
जिसको हसनैन के नाना की इजाज़त होगी।
नात सरकार की पढ़ता हूं मैं
बस इसी बात से घर में मेरे रहमत होगी !
दो जहां में उसे फिर कौन पनाह में लेगा
होगा रुसवा वोह सरे हश्र जिसे
सैय्यदा ज़हरा के बच्चों से अदावत होगी।
नात सरकार की पढ़ता हूं मैं
बस इसी बात से घर में मेरे रहमत होगी !
उनकी चौखट पे पड़े हैं तो बड़ी मौज में हैं
लौट के आएंगे जब उस दर से
मेरे दिल तू ही बता क्या तेरी हालत होगी।
नात सरकार की पढ़ता हूं मैं
बस इसी बात से घर में मेरे रहमत होगी !
मेरा दामन तो गुनाहों से भरा है अल्ताफ़
एक सहारा है के मै उनका हुं
इसी निस्बत से सरे हश्र शफाअ़़त होगी।
नात सरकार की पढ़ता हूं मैं
बस इसी बात से घर में मेरे रहमत होगी !
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बे-ख़ुद किए देते हैं अब था ( लिरिक्स )
बे-ख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना
आ दिल में तुझे रख लूँ, ए जल्वा-ए-जानाना !
इतना तो करम करना, ए चश्म-ए-करीमाना !
जब जान लबों पर हो, तुम सामने आ थना
बे-ख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना
आ दिल में तुझे रख लूँ, ए जल्वा-ए-जानाना !
क्यूँ आँख मिलाई थी, क्यूँ आग लगाई थी
अब रुख़ को छुपा बैठे कर के मुझे दीवानापन
बे-ख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना
आ दिल में तुझे रख लूँ, ए जल्वा-ए-जानाना !
जी चाहता है तोहफ़े में भेजूँ मैं उन्हें आँखें
दर्शन का तो दर्शन हो, नज़राने का नजराना
बे-ख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना
आ दिल में तुझे रख लूँ, ए जल्वा-ए-जानाना !
क्या लुत्फ़ हो महशर में ! क़दमों में गिरूँ उन के
सरकार कहें देखो, दीवाना है दीवाना !
बे-ख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना
आ दिल में तुझे रख लूँ, ए जल्वा-ए-जानाना !
मैं होश-ओ-हवास अपने इस बात पे खो बैठा
जब तू ने कहा हँस के, आया मेरा दीवानापन
बे-ख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना
आ दिल में तुझे रख लूँ, ए जल्वा-ए-जानाना !
पीने को तो पी लूँगा, पर अर्ज़ ज़रा सी है
अजमेर का साक़ी हो, बग़दाद का मय-ख़ाना
बे-ख़ुद किए देते हैं अंदाज़-ए-हिजाबाना
आ दिल में तुझे रख लूँ, ए जल्वा-ए-जानाना !
बेदम ! मेरी क़िस्मत में चक्कर हैं इसी दर के
छूटा है न छूटेगा मुझ से दर-ए-जानाना
चमक तुझ से पाते हैं सब पाने वाले ( लिरिक्स ) chamak tujhse paate hain sab pane wale
चमक तुझ से पाते हैं सब पाने वाले
मेरा दिल भी चमका दे चमकाने वाले
बरसता नहीं देख कर अब्रे रह़मत
गदों पर भी बरसा दे बरसाने वाले
मेरा दिल भी चमका दे चमकाने वाले
मदीने के ख़ित्त़े ख़ुदा तुझ को रख्खे
ग़रीबों फ़क़ीरों के ठहराने वाले
मेरा दिल भी चमका दे चमकाने वाले
मैं मुजरिम हूं आक़ा मुझे साथ ले लो
कि रस्ते में हैं जा बजां थाने वाले
मेरा दिल भी चमका दे चमकाने वाले
ह़रम की ज़मीं और क़दम रख के चलना
अरे सर का मौका है ओ जाने वाले
मेरा दिल भी चमका दे चमकाने वाले
चल उठ जब्हा फ़रसा हो साक़ी के दर पर
दरे जूद ए मेरे मस्ताने वाले
मेरा दिल भी चमका दे चमकाने वाले
तेरा खाएं तेरे ग़ुलामों से उलझें
हैं मुन्किर अ़जब खाने ग़ुर्राने वाले
मेरा दिल भी चमका दे चमकाने वाले
तू ज़िन्दा है वल्लाह तू ज़िन्दा है वल्लाह
मेरे चश्मे अ़ालम से छुप जाने वाले
मेरा दिल भी चमका दे चमकाने वाले
रहेगा यूं ही उन का चरचा रहेगा
पड़े ख़ाक हो जाएं जल जाने वाले
मेरा दिल भी चमका दे चमकाने वाले
ये नजदी मुनाफिक है गंदा है वल्ला
जहन्नम पे नाम उसका कुंदा है धल्ला
जो मुर्दा कहे तुमको मुर्दा है धल्ला
तु जिन्दा है वल्ला तु जिन्दा है धल्ला
मेरे चश्मे आलम से छुप जाने वाले
मेरा दिल भी चमका दे चमकाने वाले
अब आई शफ़ाअ़त की साअ़त अब आई
ज़रा चैन ले मेरे घबराने वाले
मेरा दिल भी चमका दे चमकाने वाले
Naat lyrics
12 रबी उल अव्वल मनाने की दलील
12 रबी उल अव्वल यानी ईद मिलादुन्नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मानने पर कई तरह के एतराज और सवालात किए जाते हैं जिनमें से चंद्र सवालात और उनक...
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عید کی نماز کے لیے ایک راستے سے جائیں اور دوسرے راستے سے واپس آئیں راستے میں یہ پڑھتے جائیں اللہ اکبر اللہ اکبر ال...
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हरसू जहां में रहमतों बरकत सी छाई हैं उठ जाओ मोमिनो के शबे कद्र आई है ! तोबा करो गुनाहों से सजदे में रहो तुम जो दिल में लगे दर...
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ईमाम ए बोसिरी रहमतुल्लाह आले आपका वाक्या है कि आप फालीज़ ज़दा थे ना पैर काम करता था ना हाथ काम करता था पूरा बदन फालीज़ ज़दा था ...



