मरहबा सल्ले अला सल्ले अला सल्ले अला !
आप ﷺ जब आए तो काबे से ये आती थी सदा
मरहबा सल्ले अला सल्ले अला सल्ले अला !
हर तरफ शोर हुआ रब के पयंबर ﷺ आए
मैं कहूं सबके शफी आज वो सरवर ﷺ आए
सारे आलम के लिए बनके वो रहबर आए
है जो महबूब ए खुदा शाफा ए महशर आए
आपको देखकर ये चांद सितारों ने पढ़ा
मरहबा सल्ले अला सल्ले अला सल्ले अला !
मरहबा सल्ले अला सल्ले अला सल्ले अला !
क़त्ल का करके इरादा वो चले थे घर से
कह रहे थे वो बड़ी शान बड़े तेवर से
जिसम कर देंगे जुदा आज नबी ﷺ का सर सेए
जब लडी उनकी नज़र चेहरा ए पैग़म्बर ﷺ से
गिरके सरकार ﷺ के क़दमो पे उमर ने ये पढा़
मरहबा सल्ले अला सल्ले अला सल्ले अला !
मरहबा सल्ले अला सल्ले अला सल्ले अला !
बु जहल ने ये कहा काम मेरा सूलझा दे
शान वालें हैं अगर शान हमें दिखला दें
ए नबी ﷺ मुझपे यही एक करम फरमा दें
मेरी मुठ्ठी मैं है क्या चीज हमें बतला दें
झूम कर कलमा शहे दिन का कंकर ने पढ़ा
मरहबा सल्ले अला सल्ले अला सल्ले अला !
मरहबा सल्ले अला सल्ले अला सल्ले अला !
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