Monday, 3 April 2023

फासलों को तकल्लुफ है हमसे अगर ( लिरिक्स )


                    विडियो क्लिप  

फासलों को तकल्लुफ है हमसे अगर
हम भी बेबस नहीं बेसहारा नहीं !

खुद उन्हीं को पुकारेंगे हम दूर से
रासते मे अगर पांव थक जाएंगे !

 या रसूल अल्लाह ही सलामुन अलैक

या हबीब अल्लाह ही सलामुन अलैक 

हम मदीने में तनहा निकल जाएंगे
और गलियों में क़सदन भटक जाएंगे !

हम वहां जाके वापस नहीं आएंगे
ढूंढते -ढूंढते लोग थक जाएंगे !

या रसूल अल्लाह ही सलामुन अलैक

या हबीब अल्लाह ही सलामुन अलैक 

जैसे ही सब्ज गुंबद नज़र आएगा
बंदगी का क़रीना बदल जाएगा 

सर झुकाने की फुरसत मिलेगी  किसे
ख़ुद ही पलकों से सजदे टपक जाएंगे ।

या रसूल अल्लाहु ही सलामुन अलैक

या हबीब अल्लाह ही सलामुन अलैक 

नामे आक़ जहां भी लिया जाएगा
जिक्र उनका जहां भी किया छएगा

नूर ही नूर सीनों में भर जाएगा
सारे महफिल में जलवे लपक जाएंगे 

 या रसूल अल्लाहु ही सलामुन अलैक

या हबीब अल्लाह ही सलामुन अलैक 

ऐ मदीने के ज़ाइर ख़ुदा के लिए
दास्ताने सफ़र मुझको यूं मत सुना

बात बढ़ जाएगी दिल तड़प जाएगा
मेरे मोहतात आंसू छलक जाएंगे 

 या रसूल अल्लाहु ही सलामुन अलैक

या हबीब अल्लाह ही सलामुन अलैक 

उनकी चश्मे करम को है इसकी ख़बर
किस मुसाफ़िर को है कितना शौक़ -ए सफ़र

हमको इक़बाल जब भी इजाज़त मिली
हम भी आक़ा के दरबार तक जाएंगे !

 या रसूल अल्लाह ही सलामुन अलैक

या हबीब अल्लाह ही सलामुन अलैक 

फासलों को तकल्लुफ है हमसे अगर
हम भी बेबस नहीं बेसहारा नहीं

ख़ुद उन्हीं को पुकारेंगे हम दूर से
रास्ते में अगर पांव थक जाएंगे ।


या रसूल अल्लाह ही सलामुन अलैक

या हबीब अल्लाह ही सलामुन अलैक 

No comments:

Post a Comment

Naat lyrics

12 रबी उल अव्वल मनाने की दलील

12 रबी उल अव्वल यानी ईद मिलादुन्नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मानने पर कई तरह के एतराज और सवालात किए जाते हैं जिनमें से चंद्र सवालात और उनक...