आका ले लो सलाम अब हमारा
सबा तु मदीने जा के कहना खुदारा
आका ले लो सलाम अब हमारा
गम से है डूबे हुवे ज़ुल्मो से लूटे हुवे
मुद्दत हुई या नबी किस्मत को रुठे हुवे
रोज़े महशर उम्मती का आप ही सहारा
आका ले लो सलाम अब हमारा
चांद के टुकड़े किए पेडों ने सजदे किए
सूरज पलट आ गया ये मोजजे आप के
उम्मती किया खुद खुदा भी मद खवां तुम्हारा
आका ले लो सलाम अब हमारा
दिन रात रोती हे ये उम्मत तुम्हारे लिए
हो जाए नज़रें करम आका हमारे लिए
तैबा की उन गलियों का कब होगा नज़ारा
आका ले लो सलाम अब हमारा
सब अंबिया के इमाम तुम पर हो लाखों सलाम
रोजा पे अाए मजीद कहता हे ये सुबह शाम
ज़िन्दगी में आस का ना टूटे सितारा
आका ले लो सलाम अब हमारा
सबा तु मदीने जा के कहना खुदारा

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