Wednesday, 5 April 2023

Ay saba mustafa se kah dena. ऐ सबा मुस्त़फा से कह देनाग़म के मारे सलाम कहते हैं! اے صبا مصطفی سے کہہ دینا

Aysaba mustafa se kah dena gham ke mare salam kahte hain.

Yaad karte hain tumko shaam-o-sehar dil hamare salam karte hai

Allah allah huzur kibaaten 
Marhaba rango noor ki baaten
Chaand jinki balayen leta hai 
Aur taare salam kahte hain

Aysaba mustafa se kah dena gham ke mare salam kahte hain.

Yaad karte hain tumko shaam-o-sehar dil hamare salam karte hai

Zaire taiba to maine me
Mere Aaqa se itna kah dena
Pyaare Aaqa rasool sun lijiye 
Gham ke maare salam kahte hai

Aysaba mustafa se kah dena gham ke mare salam kahte hain.

Yaad karte hain tumko shaam-o-sehar dil hamare salam karte hain

Zikr tha akhri madine kya

Tazkira chid gaya madine ka

Hajiyon mustafa se kah dena

Gham ke maare salam kahte hain

Aysaba mustafa se kah dena gham ke mare salam kahte hain.

Yaad karte hain tumko shaam-o-sehar dil hamare salam karte hai




ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना
ग़म के मारे सलाम कहते हैं

याद करते है तुमको शाम-ओ-सहर
बे-सहारे सलाम कहते हैं
अल्लाह अल्लाह हुज़ूर की बातें
मरहबा रंगो नूर की बातें
चांद जिनकी बलायें लेता है
और तारे सलाम कहते हैं

ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना
ग़म के मारे सलाम कहते हैं

ज़ाईरे तैबा तू मदीने में
मेरे आक़ा से इतना कह देना
प्यारे आक़ा रसूल सुन लीजे
ग़म के मारे सलाम कहते हैं

ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना
ग़म के मारे सलाम कहते हैं

ज़िक्र था आखरी महीने का
तज़किरा छिड़ गया मदीने का
हाजियों मुस्त़फा से कह देना
ग़म के मारे सलाम कहते हैं

ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना
ग़म के मारे सलाम कहते हैं

सब्ज़ ग़ुम्बद का आंख में मंज़र
और तसव्वुर में आपका मिम्बर
सामने जालियां हैं रौज़े की
आजिज़ी से सलाम कहते हैं
ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना
ग़म के मारे सलाम कहते हैं

अल्लाह अल्लाह हुज़ूर के ग़ेंसू
भीनी भीनी महकती वोह खुश्बू
जिनसे मामूर है फिज़ा हर सू
वो नज़ारे सलाम कहते हैं

ऐ सबा मुस्त़फा से कह देना
ग़म के मारे सलाम कहते हैं

ऐ ख़ुदा के ह़बीब प्यारे रसूल
ये हमारा सलाम कीजे कुबूल
आज महफ़िल में जितने हाज़िर हैं
मिलके सारे सलाम कहते हैं

ऐ सबा मुस्तफा से कह देना
ग़म के मारे सलाम कहते हैं

याद करते है तुमको शाम-ओ-सहर
दिल हमारे सलाम कहते हैं

-----------------------------------------------------------------

-----------------------------------------------------------------


No comments:

Post a Comment

Naat lyrics

12 रबी उल अव्वल मनाने की दलील

12 रबी उल अव्वल यानी ईद मिलादुन्नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के मानने पर कई तरह के एतराज और सवालात किए जाते हैं जिनमें से चंद्र सवालात और उनक...